April 9, 2026

बिलासपुर में कमीशनखोरी का बड़ा खेल बेनकाब — बैंकों से छोटे नोट जुटाकर MP में सप्लाई, 17.90 लाख के साथ कारोबारी गिरफ्तार

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आजाद भारत न्यूज़ | बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कमीशनखोरी और अवैध करेंसी सप्लाई का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बैंकों की मिलीभगत से छोटे नोटों का बड़ा खेल चल रहा था, जिसे पुलिस ने उजागर कर दिया है।
बेलगहना पुलिस और ACCU टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक कारोबारी को 17.90 लाख रुपए नकद के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 10, 20 और 50 रुपए के नए नोटों की 81 गड्डियां बरामद हुई हैं, जिन्हें दो सूटकेस और एक पिट्ठू बैग में भरकर ले जाया जा रहा था।

आरोपी की पहचान
गिरफ्तार युवक की पहचान पवन बजाज (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कश्यप कॉलोनी का निवासी है। वह तांबा-पीतल स्क्रैप का कारोबार करता है और इसी के जरिए उसका बैंकों में नियमित आना-जाना था।

ऐसे चलता था कमीशन का खेल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि:
वह बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर छोटे नोट जुटाता था
इन नोटों को मध्यप्रदेश के व्यापारियों तक सप्लाई करता था
हर बंडल पर उसे ₹200 से ₹1000 तक का कमीशन मिलता था
यह पूरा नेटवर्क कमीशनखोरी पर आधारित था, जिसमें बैंकिंग सिस्टम के दुरुपयोग की आशंका भी सामने आ रही है।

कहां पकड़ा गया आरोपी?
बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली कि टेंगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में बैग लेकर घूम रहा है।
पुलिस ने घेराबंदी कर जांच की तो भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई और आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

MP में होती थी सप्लाई
आरोपी ने बताया कि वह यह करेंसी मध्यप्रदेश के शहरों जैसे: कटनी, शहडोल
और आसपास के व्यापारियों को सप्लाई करता था, जहां छोटे नोटों की अधिक मांग रहती है।

पुलिस जांच जारी
पुलिस अब इस मामले में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह आशंका जताई जा रही है कि बिना अंदरूनी सहयोग के इतने बड़े स्तर पर नोटों का संग्रह संभव नहीं था।
यह मामला न केवल अवैध कारोबार बल्कि बैंकिंग सिस्टम में संभावित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।

बिलासपुर में सामने आया यह मामला बताता है कि किस तरह छोटे नोटों की आड़ में बड़ा कमीशनखोरी नेटवर्क संचालित हो रहा था। अब देखना होगा कि जांच में और कितने चेहरे बेनकाब होते हैं।

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