सावन में सनातन परंपरा को नई ऊर्जा, संदीप शुक्ला का रामचरित मानस वितरण अभियान।
आजाद भारत न्यूज़ से प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट-
कोटा।बिलासपुर-
सावन के पवित्र माह में पूरे अंचल में आस्था और श्रद्धा का माहौल है। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ जगह-जगह कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं और बोल बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान है। इसी धार्मिक वातावरण के बीच पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं मंडी अध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला द्वारा कोटा क्षेत्र की मानस मंडलियों को रामचरित मानस की प्रतियां वितरित की जा रही हैं।

संदीप शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में आदि काल से सावन माह में प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित रामचरित मानस का गायन एवं वादन करने की परंपरा रही है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘सवनाही’ के रूप में जाना जाता है। आधुनिकता और मोबाइल के बढ़ते प्रभाव के कारण यह सनातनी एवं सांस्कृतिक परंपरा धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने और गांव-गांव में रामायण पाठ की संस्कृति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मानस मंडलियों को रामचरित मानस की प्रतियां भेंट की जा रही हैं।



नागपंचमी के अवसर पर ग्राम पंचायत नवागांव सलका स्थित प्रसिद्ध दलहा बाबा मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। सावन के तीसरे सोमवार सहित पूरे सावन माह में यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना और रामचरित मानस का पाठ किया जाता है। नागपंचमी के दिन भक्तों द्वारा विधिवत रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इसी पुण्य अवसर पर मंदिर परिसर में क्षेत्र की विभिन्न मानस मंडलियों को रामचरित मानस की प्रतियां वितरित की गईं।
इस दौरान अमाली, नवागांव, बिलिबंद, झोंकापारा, लमेरपारा, डोंगरीपारा, पोंडी, गड्ढापारा, डबरीपारा, परसदा, श्रीपारा और सलका सहित आसपास के गांवों की मानस मंडलियों को दलहा बाबा मंदिर के पुजारी पंडित राधेश्याम महाराज, मोहन श्रीवास एवं संदीप शुक्ला के कर-कमलों से रामचरित मानस भेंट की गई।
मंदिर के पुजारी पंडित राधेश्याम महाराज ने उपस्थित मानस मंडलियों को सावन माह की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि पूर्व में कोटा के विधायक एवं मंत्री रहे स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद शुक्ला के कार्यकाल में पूरे प्रदेश में तुलसी मानस सम्मान जैसे आयोजन कर रामचरित मानस और मानस मंडलियों को प्रोत्साहित किया जाता था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों में रामायण पाठ और मानस गायन की परंपरा को मजबूत करना सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
संदीप शुक्ला ने बताया कि पिछले दो माह से कोटा ब्लॉक के गांव-गांव का दौरा कर मानस मंडलियों और ग्रामीणों से संपर्क किया जा रहा है। अब तक करीब 300 रामायण/मानस मंडलियों तक रामचरित मानस की प्रतियां पहुंचाई जा चुकी हैं। उनका लक्ष्य क्षेत्र की 500 से अधिक मानस मंडलियों तक रामचरित मानस पहुंचाना है, ताकि गांव-गांव और गली-गली रामायण पाठ के माध्यम से राम नाम की परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अनेक भक्त और मानस मंडलियां हैं, जिनके पास नियमित पाठ करने के लिए रामचरित मानस की प्रति उपलब्ध नहीं है। ऐसे परिवारों और मंडलियों को रामचरित मानस भेंट किए जाने से उनमें खुशी है। अब इन प्रतियों का उपयोग गांवों के मंदिरों, चौक-चौराहों और सामूहिक आयोजनों में रामायण पाठ एवं मानस गायन के लिए किया जा सकेगा।

रामचरित मानस वितरण के अवसर पर अफजल खान, हैप्पी गुप्ता, विकास देवांगन, जय गुप्ता, दुर्गेश सिंह, राजकुमार सिंह, पवन आर्मो, प्रेम श्रीवास, ओमप्रकाश यादव, प्रेम यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं मानस मंडली के सदस्य उपस्थित रहे।
गांव-गांव रामायण पाठ और भक्ति का वातावरण तैयार करने की यह पहल सावन के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास मानी जा रही है।
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