महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन: राहुल की यात्रा में लालू-तेजस्वी की धमाकेदार मौजूदगी।

आजाद भारत न्यूज़ लाइव- बिहार पटना। विशेष रिपोर्ट
बिहार की राजनीति का देश की सियासत पर हमेशा खास असर रहा है। यहां के चुनावी नतीजे सिर्फ राज्य की दिशा तय नहीं करते, बल्कि कई बार राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करते हैं। जातीय समीकरणों से लेकर सामाजिक न्याय की राजनीति तक, बिहार चुनाव देशभर के लिए एक प्रयोगशाला माना जाता है। यही वजह है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की नजर से भी देखा जा रहा है।

यात्रा की शुरुआत और उद्देश्य
राहुल गांधी ने 17 अगस्त को सासाराम से यात्रा की शुरुआत की। 16 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और बिहार के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए 1 सितंबर को पटना में समाप्त होगी।
यात्रा का मकसद है – जनता के मुद्दों को सीधे समझना और मतदान अधिकार व संविधान की रक्षा का संदेश देना।
लालू-तेजस्वी की एंट्री से बढ़ा राजनीतिक तापमान
आज की यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण था राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मौजूदगी। राहुल गांधी के साथ मंच साझा करते हुए दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि बिहार में महागठबंधन मजबूती से एकजुट है।

लालू प्रसाद ने कहा – “हम जनता का हक दिलाने के लिए राहुल गांधी के साथ खड़े हैं।”
तेजस्वी यादव बोले – “युवा, किसान और गरीबों की आवाज़ उठाने के लिए यह हमारी साझा लड़ाई है।”

वहीं राहुल गांधी ने इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की यात्रा बताया।
राजनीतिक मायने
बिहार में एनडीए के परंपरागत गढ़ को चुनौती देने के लिए विपक्षी एकजुटता का यह प्रदर्शन अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस, राजद और महागठबंधन की यह साझा ताकत आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़ा संदेश है।
पटना की पृष्ठभूमि और वहां का चुनावी प्रभाव इसे और भी महत्वपूर्ण बना देता है, क्योंकि यहां से उठे मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर असर डालते हैं।
राहुल गांधी की इस यात्रा ने बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा भर दी है और साथ ही यह साफ कर दिया है कि विपक्ष अब चुनावी मैदान में पूरे दमखम के साथ उतरने को तैयार है।
