दही हांडी(मटकी) फोड़ से लेकर राधा-कृष्ण साजो प्रतियोगिता तक, खोंगसरा में धूमधाम से मना जन्मोत्सव-भक्ति और उत्सव का संगम।

बिलासपुर जिले के ग्राम खोंगसरा (वार्ड नंबर 3) में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। ग्रामवासियों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के कारण यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया।


गांव की युवा समिति आमागोहन ने आयोजन की बागडोर संभालते हुए पूरे कार्यक्रम को संगठित और आकर्षक बनाया। सुबह से ही ग्रामवासी उत्साहपूर्वक तैयारी में जुटे रहे। पूरे गांव को झालरों, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था।


धार्मिक अनुष्ठान और पूजा
कार्यक्रम का शुभारंभ रितिक पांडेय (महाराज) द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन और श्रीकृष्ण प्रतिमा की स्थापना के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी राधा-कृष्ण स्वरूपों का विशेष पूजन किया गया। भजन-कीर्तन और झांकियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


प्रतियोगिताएं और आकर्षण
गांव के बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया—
आंख पट्टी बांधकर मटकी फोड़ प्रतियोगिता में 3 युवाओं ने जीत दर्ज की और पुरस्कार प्राप्त किए।

समूह बनाकर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का खिताब बाजार पारा आमागोहन टीम ने अपने नाम किया।

कृष्ण-राधा सजो प्रतियोगिता सबसे आकर्षक रही, जिसमें सज-धज कर आए सभी राधा-कृष्ण स्वरूपों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इन प्रतियोगिताओं से कार्यक्रम में उत्साह और रोमांच का वातावरण बन गया। दर्शकों ने भी तालियों और जयकारों से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।


प्रसाद वितरण
कार्यक्रम में शामिल सभी भक्तों के लिए स्वादिष्ट प्रसाद की व्यवस्था की गई। इसके निर्माण और वितरण का कार्य पंकज पोर्ते, रवि साहू, जितेंद्र शर्मा, विशाल जायसवाल, प्रदीप पांडेय, प्रेम मीरे और तरुण साहू ने मिलकर किया।

पुरस्कार वितरण और सम्मान
विजेताओं को सम्मानित करने का कार्य पंच राजेश पांडेय, उपसरपंच प्रीतम चौधरी, सरपंच अनिता संजय सिंह, लोचन सिंह और जनपद सदस्य कांति बलराम मरावी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं की सक्रियता और गांव की एकजुटता की सराहना की।


आयोजन समिति और संरक्षक
इस भव्य आयोजन के संरक्षक ओमप्रकाश कोरी, दुर्गेश प्रसाद शर्मा, लल्ला तिवारी और राजेश पांडेय रहे।
कार्यक्रम के संचालन और सहयोग में हर्षद साहू (बंटी), दिनेश शर्मा, प्रीतम चौधरी (उपसरपंच), दिलीप जायसवाल, शिवा उइके, लक्ष्मीकांत शर्मा, धीरेंद्र यादव, विजय यादव, लोचन सिंह और बलराम मरावी सहित कई अन्य लोग सक्रिय रहे।

सांस्कृतिक विरासत और युवा समिति का संदेश
आयोजन मंडल के नेतृत्वकर्ता प्रदीप शर्मा ने कहा—
“हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का कर्तव्य है। युवा पीढ़ी को ऐसे आयोजनों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। जिस तरह पिछली बार रावण दहन कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने उत्साह दिखाया था, उसी तरह आज जन्माष्टमी पर भी सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। यह परंपराएं हमें हमारी जड़ों से जोड़ती हैं और ग्राम में एकता का संदेश देती हैं।”
✨ इस प्रकार खोंगसरा में मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बना बल्कि सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत किया। देर रात तक गांव में भक्ति, उल्लास और सामूहिक एकता का माहौल बना रहा।
