नशामुक्त ग्राम बनाने के लिए ग्राम पंचायत केंवची की महिलाओं ने उठाया बीड़ा-“शराबबंदी से ही शांति और सुरक्षा संभव”
ग्राम पंचायत केंवची, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (विधानसभा कोटा/बिलासपुर)
रिपोर्ट: GPM संवाददाता
ग्राम पंचायत केंवची में रविवार को महिलाओं ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नशामुक्त ग्राम अभियान की शुरुआत की। पंचायत की सैकड़ों महिलाएं, वार्ड पंचों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं के साथ पूरे पंचायत क्षेत्र में रैली निकालकर नशा मुक्त समाज की मांग को मुखर किया।
रैली के दौरान महिलाओं ने “नशा छोड़ो – परिवार जोड़ो”, “शराब से दूरी, परिवार में खुशहाली” जैसे नारे लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। जगह-जगह ग्रामीणों को रोककर उन्होंने शराब और अन्य नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया। महिलाओं का कहना था कि नशे की लत से न केवल परिवार टूट रहे हैं बल्कि घरेलू हिंसा, अपराध और गरीबी भी बढ़ रही है।

बैठक में बनी रणनीति
रैली के बाद पंचायत भवन में एक सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि गांव में अवैध शराब की बिक्री और निर्माण बंद नहीं हुआ, तो महिलाएं सामूहिक रूप से पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगी। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ग्राम समाज को नशे की बुराई से मुक्त किया जा सके।
महिलाओं की मजबूत भागीदारी
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल महिलाओं में —
अनिता यादव, नंदा देवी, संगीता यादव, देवकी बाई, जलसी यादव, कुसुमलता, सुनीता टेकाम, अनुसुइया, राजमती, सुषमा, ममता अनिता यादव, सुकवरिया, कुसुम बैगा, रामकुमारी, किरण बैगा, राधा, शिवरनिया, प्रेमवती, शियाबाई, तीजा बाई, सावित्री बैगा — सहित अन्य महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। साथ ही इस मुहिम में पंचायत के सरपंच दुर्गेश सिंह उइके ने भी समर्थन कर शराबबंदी के खिलाफ आवाज उठाई।
बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि “नशे से कोई सुख नहीं, यह समाज और परिवार दोनों को तबाह करता है।” महिलाओं ने इस आंदोलन को निरंतर जारी रखने और गांव के हर परिवार को इसमें जोड़ने का निर्णय लिया।

गांव में बढ़ रहे अपराध और हिंसा से चिंतित महिलाएं
महिलाओं ने बताया कि पिछले कुछ समय से ग्राम में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री तेजी से बढ़ी है। इससे न केवल अपराधों में वृद्धि हुई है, बल्कि महिला हिंसा और घरेलू झगड़े भी आम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि “अब हम चुप नहीं बैठेंगे, नशे को जड़ से खत्म करेंगे।”
महिलाओं की यह पहल बनी मिसाल
ग्राम पंचायत केंवची की महिलाओं द्वारा चलाया गया यह अभियान अब आसपास के गांवों में भी चर्चा का विषय बन गया है। सामाजिक संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता का उदाहरण बताया है।
महिलाओं का संदेश:
“हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित तभी होगा, जब गांव नशामुक्त होगा। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा।” अनिता यादव (वार्ड पंच और सक्रिय महिला नेतृत्व)
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