जीपीएम में अवैध वसूली का मामला: सड़क पर वाहनों से पैसे लेते आरक्षक का वीडियो वायरल, एसपी ने किया तत्काल निलंबन
आजाद भारत न्यूज़-गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम)।
जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना गौरेला अंतर्गत चौकी खोड़री में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 91 खगेश्वर मैत्री को अवैध वसूली के आरोप में पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आरक्षक वाहन चालकों से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद खुला मामला
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से क्षेत्र के ग्रामीणों और वाहन चालकों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही थी कि संबंधित आरक्षक सड़क पर गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों को रोककर उनसे जबरन पैसे की मांग करता है। बताया जा रहा है कि यह वसूली नियमित रूप से की जा रही थी, जिससे वाहन चालकों में असंतोष बढ़ रहा था।

20 अप्रैल के आसपास ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी। इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें आरक्षक को खुलेआम वाहन चालक से पैसे लेते हुए देखा गया। वीडियो वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और विभाग हरकत में आया।
वीडियो वायरल होते ही विभाग सक्रिय
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी गौरेला द्वारा पूरे मामले पर गोपनीय प्रतिवेदन तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरक्षक का आचरण सेवा नियमों के विपरीत है।
एसपी मनोज खिलारी की सख्त कार्रवाई
मामले की पुष्टि होते ही पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरक्षक खगेश्वर मैत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मानते हुए सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन बताया।
निलंबन अवधि में यह रहेगी व्यवस्था
निलंबन के दौरान आरक्षक का मुख्यालय रक्षित आरक्षी केंद्र, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) प्रदान किया जाएगा। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

विभाग में हड़कंप, कड़ा संदेश
इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। इसे विभागीय अनुशासन बनाए रखने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता में मिश्रित प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक ओर लोग पुलिस की इस कार्रवाई को सराह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

जांच जारी, और खुलासे संभव
पुलिस विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है।
(आजाद भारत न्यूज़)
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