29 जून को रायपुर में होगा ‘मोर अंगना के शोर’ बाल काव्य संग्रह का भव्य विमोचन
छत्तीसगढ़ के 25 जिलों के 50 से अधिक शिक्षकों की 121 बाल कविताओं का होगा लोकार्पण, कैबिनेट मंत्रियों सहित अनेक विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल।
रायपुर- छत्तीसगढ़-आजाद भारत न्यूज़
रायपुर। हमर चिन्हारी साहित्य समिति, छत्तीसगढ़ एवं साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जून 2026 (सोमवार) को राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल, सिविल लाइंस में साझा बाल काव्य संग्रह “मोर अंगना के शोर” का भव्य विमोचन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

यह बाल काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ के 25 जिलों के 50 से अधिक नवाचारी शिक्षक-साहित्यकारों द्वारा रचित 121 बाल कविताओं का संकलन है। पुस्तक विशेष रूप से बालवाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसमें बच्चों के परिचित परिवेश, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों, नानी-दादी, लोक संस्कृति, प्रकृति और जीवन मूल्यों पर आधारित सरल, रोचक एवं शिक्षाप्रद रचनाएँ शामिल हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, गजेन्द्र यादव, टंकराम वर्मा एवं गुरु खुशवंत साहेब, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षा एवं साहित्य जगत की प्रतिष्ठित हस्तियाँ और राज्य राजभाषा आयोग के पदाधिकारी शामिल होंगे।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तक का विमोचन, साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार के 50 से अधिक रचनाकारों का सम्मान, छत्तीसगढ़ी लोकगीत की सांस्कृतिक प्रस्तुति तथा साहित्यकारों एवं शिक्षकों का कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
पुस्तक के संपादक विरेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि यह संग्रह नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप बच्चों में मातृभाषा आधारित आनंदमय शिक्षण को बढ़ावा देने का एक अभिनव प्रयास है। यह पुस्तक विद्यालयों में बच्चों को गीत, कविता और कहानी के माध्यम से सीखने, भाषा विकास और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयोजकों ने प्रदेश के शिक्षकों, साहित्यकारों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, अभिभावकों एवं साहित्य प्रेमियों से इस ऐतिहासिक साहित्यिक आयोजन में शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।


25 जिलों के 50 से अधिक शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का ऐतिहासिक परिणाम…
जब शिक्षक केवल पढ़ाते ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सृजन भी करते हैं, तब जन्म लेती है एक ऐसी अनमोल कृति, जो आने वाली पीढ़ियों के सीखने का आधार बनती है।
छत्तीसगढ़ के 25 जिलों के 50 से अधिक नवाचारी शिक्षक-साहित्यकारों ने अपने अथक परिश्रम, अनुभव और बालमन की गहरी समझ के साथ 121 बाल कविताओं का सृजन किया है। इन रचनाओं को समाहित करते हुए तैयार हुआ है साझा बाल काव्य संग्रह “मोर अंगना के शोर”।
यह पुस्तक केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि सैकड़ों शिक्षकों के सपनों, समर्पण और बच्चों के प्रति प्रेम का जीवंत दस्तावेज है। अब बालवाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाएँ बच्चों के परिचित परिवेश, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों, नानी-दादी, लोक संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ी मधुर कविताओं से गूंजेंगी।
इस ऐतिहासिक कृति का भव्य विमोचन 29 जून 2026 को रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्रियों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में होगा।
यह केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं, बल्कि शिक्षकों की सृजनशीलता, मातृभाषा आधारित शिक्षा और बाल साहित्य के एक नए अध्याय का उत्सव है।
![]()
