बिलासपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित, 51 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी,बधाइयों के बीच उठे प्रतिनिधित्व के सवाल?
आजाद भारत न्यूज़-बिलासपुर छत्तीसगढ़
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला कांग्रेस कमेटी (बिलासपुर ग्रामीण) की नई कार्यकारिणी को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की स्वीकृति के बाद संगठन एवं प्रशासन प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू द्वारा अनुमोदन पत्र जारी किया गया। पत्र के अनुसार यह कार्यकारिणी जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री द्वारा प्रस्तावित सूची के आधार पर स्वीकृत की गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की स्वीकृति के बाद संगठन एवं प्रशासन प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने अनुमोदन पत्र जारी किया। कार्यकारिणी जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री द्वारा प्रस्तावित सूची के आधार पर गठित की गई है। नई कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष, 12 उपाध्यक्ष, 18 महामंत्री, 20 सचिव तथा 10 कार्यकारिणी सदस्यों सहित कुल 51 पदाधिकारियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी सूची में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव, कोषाध्यक्ष तथा कार्यकारिणी सदस्यों सहित विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। प्रदेश नेतृत्व ने जिला अध्यक्ष को निर्देश दिए हैं कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को सूचना देकर संगठनात्मक गतिविधियों को गति प्रदान की जाए।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसंपर्क बढ़ाने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अधिकांश नवनियुक्त पदाधिकारियों ने प्रदेश एवं जिला नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी दी है, उस पर वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे तथा कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए कार्य करेंगे।
हालांकि, कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्यकारिणी में सभी समाज, वर्ग और जातियों के कार्यकर्ताओं को संतुलित अवसर मिलना चाहिए था। विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिलासपुर ग्रामीण जिले के आदिवासी अंचलों को देखते हुए संगठन में शीर्ष स्तर पर आदिवासी नेतृत्व को अधिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। कुछ कार्यकर्ताओं ने भविष्य में संगठनात्मक नियुक्तियों में इस मांग पर विचार करने की अपेक्षा जताई है।
फिलहाल नई कार्यकारिणी के गठन पर बधाइयों का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक संतुलन को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। नई कार्यकारिणी से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर भी पार्टी नेतृत्व की नजर बनी हुई है।
आजाद भारत न्यूज़ लगातार इस मामले से जुड़े हर अपडेट पर अपनी नजर बनाए हुए है।



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