दिव्यांग मूकबधिर का बरसात में घर गिरने के कगार पर, PM आवास से क्यों छूट रहे जरूरतमंद? मदद की गुहार
आजाद भारत न्यूज़-प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट दीवारों में आई दरारें, गिरने लगीं ईंटें; कभी भी हो सकता है हादसा, ग्रामीणों ने दूसरे कमरे में शिफ्ट होने की दी सलाह।
आमागोहन-कोटा/बिलासपुर । बरसात के मौसम में ग्राम आमागोहन निवासी अमीरुद्दीन पिता कबीरुद्दीन, जो दिव्यांग एवं मूकबधिर बताए जा रहे हैं, के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लगातार बारिश के चलते उनके घर की दीवारें कमजोर होकर गिरने लगी हैं और पूरा मकान कभी भी धराशायी होने की स्थिति में पहुंच सकता है। ऐसे में परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि घर की दीवारों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि बारिश के दौरान किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने स्थिति को देखते हुए परिवार को जर्जर हिस्से में नहीं रहने और दूसरे कमरे में शिफ्ट होने की सलाह दी है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
छोटे भाई ने सोशल मीडिया पर लगाई मदद की गुहार
अमीरुद्दीन की स्थिति को देखते हुए उनके छोटे भाई रंमजु पिता कबीरुद्दीन ने वीडियो और फोटो के माध्यम से सोशल मीडिया पर पूरे मामले को सामने रखा है। उन्होंने स्थानीय सरपंच, जनपद सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रशासन से परिवार की मदद करने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घर की जर्जर स्थिति और दीवारों की हालत को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है। बारिश के बीच परिवार के सामने सुरक्षित आवास का संकट बना हुआ है।
PM आवास योजना से क्यों छूट रहे जरूरतमंद?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी उठ रहा है। यदि एक दिव्यांग और मूकबधिर व्यक्ति का परिवार जर्जर मकान में रहने को मजबूर है और बरसात में घर की दीवारें गिरने लगी हैं, तो ऐसे जरूरतमंद परिवारों तक आवास योजना का लाभ क्यों नहीं पहुंच पाया?
क्या परिवार आवास योजना के लिए पात्र है? अगर पात्र है तो अब तक आवास स्वीकृत क्यों नहीं हुआ? और यदि किसी कारण से सूची में नाम नहीं है, तो क्या पात्र परिवारों को दोबारा चिन्हित कर योजना में शामिल करने की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए?
सरकार की आवास योजनाओं का उद्देश्य ही ऐसे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में आमागोहन का यह मामला योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों के चयन पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण की मांग
बरसात के बीच मकान की दीवारों के गिरने की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और परिवार की ओर से प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की जा रही है।
मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर मकान की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल राहत एवं सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाए। साथ ही यदि परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य शासकीय आवास योजना के लिए पात्र है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर आवास का लाभ दिलाया जाए।
दिव्यांग व्यक्ति के परिवार की यह स्थिति केवल एक मकान की समस्या नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं, इस पर भी सवाल खड़ा करती है।
अब देखना होगा कि सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन कितनी गंभीरता से इसे लेते हैं और कब तक परिवार को राहत मिलती है।

शिकायतकर्ता/परिजन:
रंमजु पिता कबीरुद्दीन
ग्राम – आमागोहन
मोबाइल – 7470966252
आजाद भारत न्यूज़
सवाल यह है—जब जरूरतमंद के सिर पर छत ही सुरक्षित नहीं, तो सरकारी आवास योजना का लाभ आखिर किसके लिए है?
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