धान खरीदी में 50% किसान परेशान — ऑनलाइन पंजीयन, गिरदावरी और एग्री-स्टेक की जटिल प्रक्रिया से बढ़ी दिक्कतें- जनपद सदस्य कांति बलराम मरावी ने किसानों की आवाज बुलंद की।
आजाद भारत न्यूज़- खोंगसरा-कोटा बिलासपुर-
धान खरीदी वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र के लगभग 50 प्रतिशत किसान इस बार गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऑनलाइन पंजीयन, गिरदावरी मिलान और एग्री-स्टेक जैसी तकनीकी प्रक्रियाएँ किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही हैं। कम पढ़े-लिखे किसान इन ऑनलाइन नियमों को समझ नहीं पा रहे, जिसके कारण वे समिति के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सेवा सहकारी समिति मर्यादित आमागोहन (पंजीयन क्रमांक 817) में कई दिनों से अव्यवस्था और तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। किसानों ने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन बार-बार अस्वीकार हो रहा है, गिरदावरी अपडेट नहीं दिख रही है, एग्री-स्टेक में त्रुटियाँ आ रही हैं और समिति में समय पर मार्गदर्शन भी नहीं मिल रहा। कई किसानों को 3 से 4 बार चक्कर लगाने के बाद भी सफलता नहीं मिली है।
जनपद सदस्य कांति बलराम मरावी ने बढ़ती समस्या पर जताई नाराजगी-
किसानों की लगातार बढ़ती समस्याओं की जानकारी मिलने पर जनपद सदस्य कांति बलराम मरावी ने गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के कठिन नियम और समिति की अव्यवस्था के कारण किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में तकनीकी अड़चनों को दूर करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि किसान को तनाव देना।
कांति मरावी ने कहा कि समिति आमागोहन की अव्यवस्थाओं की शिकायत वह उच्च स्तरीय अधिकारियों और प्रशासन तक पहुँचाएँगी। उन्होंने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था को किसान हित में सरल और पारदर्शी बनाना अत्यंत आवश्यक है। चूंकि किसानों के लिए मोबाइल, ऐप और ऑनलाइन प्रक्रिया आसान नहीं है, इसलिए समिति में तकनीकी सहायता केंद्र, हेल्प डेस्क और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध कराना चाहिए।
किसानों ने बताया कि पंजीयन और एग्री-स्टेक अपडेट न होने के कारण उन्हें इस बार धान बेच पाने तक की चिंता सताने लगी है। साइबर कैफे और एजेंटों के पास जाने पर भी संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा है, और समय व पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। कुछ किसानों ने कहा कि एग्री-स्टेक के बिना टोकन नहीं बनेगा और टोकन के बिना धान खरीदी नहीं होगी, जिससे स्थिति और गंभीर बनती जा रही है।
जनपद सदस्य ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके और धान खरीदी की प्रक्रिया बिना रुकावट चल सके।


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