June 6, 2026
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आजाद भारत न्यूज़( कोटा-बिलासपपुर) विशेष ग्राम सभाओं पर सवाल: सूचना नहीं, सहभागिता नहीं, फिर कोरम कैसे?
बिलासपुर- राज्य सरकार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 5 जून 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के संबंध में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जानी थी। इसके लिए पंचायत संचालनालय, जिला प्रशासन और जनपद स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि ग्राम सभा में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा कार्यवाही का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
लेकिन जिले की कई पंचायतों में इस विशेष ग्राम सभा को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों, पंच प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें ग्राम सभा की कोई सूचना नहीं दी गई, न ही कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई गई।


आमागोहन में सूचना ही नहीं
ग्राम पंचायत आमागोहन के वार्ड 10 के पंच प्रतिनिधि रामाधार कोल का कहना है कि विशेष ग्राम सभा शासन के आदेश से आयोजित होनी थी, लेकिन पंचायत ने किसी भी ग्रामीण या जनप्रतिनिधि को इसकी जानकारी नहीं दी।
वार्ड 3 के पंच राजेश पांडेय ने आरोप लगाया कि उन्हें हर बार की तरह इस बार भी ग्राम सभा की सूचना नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ग्राम सभा को चुपचाप क्यों आयोजित किया जाता है?
पंच प्रतिनिधि चितरंजन शर्मा ने भी कहा कि विशेष ग्राम सभा के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई।
वहीं सरपंच प्रतिनिधि लोचन सिंह ने स्वीकार किया कि ग्राम सभा आयोजित होनी थी, लेकिन नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि सचिव अवकाश पर हैं और अपशिष्ट प्रबंधन के विषय पर ग्राम सभा बाद में आयोजित की जाएगी।


टाटीधार में भी नहीं हुई ग्राम सभा
ग्राम पंचायत टाटीधार के ग्रामीण स्वराज पटेल का आरोप है कि विशेष ग्राम सभा की कोई सूचना आमजन तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि पंचायत में अक्सर बिना जनभागीदारी के ग्राम सभाएं दिखा दी जाती हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में भी रेत भंडारण जैसे प्रस्ताव बिना व्यापक जानकारी के पारित किए गए थे।


तुलुफ और खोंगसरा में भी अव्यवस्था
ग्राम पंचायत तुलुफ में भी ग्राम सभा समय पर आयोजित नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देर से दी गई और सचिव को दो पंचायतों का प्रभार होने के कारण वे एक स्थान से दूसरे स्थान जाते रहे। परिणामस्वरूप दोनों पंचायतों में पर्याप्त उपस्थिति नहीं हो पाई।
खोंगसरा के वार्ड सदस्य शंकर कैवर्त ने कहा कि वे निर्वाचित वार्ड सदस्य हैं, लेकिन उन्हें भी ग्राम सभा की सूचना नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सूचना ही नहीं दी जाएगी तो जनप्रतिनिधि ग्राम सभा में कैसे शामिल होंगे?


वहीं पंचायत सचिव रमाकांत श्याम, जिन्हें तुलुफ एवं खोंगसरा दोनों पंचायतों का प्रभार प्राप्त है, ने बताया कि ग्राम सभा आयोजित की गई थी, लेकिन केवल 20 से 25 लोग ही पहुंचे।


सबसे बड़ा सवाल???
जब शासन के स्पष्ट निर्देश थे, विशेष ग्राम सभा अनिवार्य थी और कार्यवाही को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना था, तब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों तक सूचना क्यों नहीं पहुंची?


यदि ग्राम सभा की सूचना सार्वजनिक रूप से नहीं दी जाती, मुनादी नहीं होती और ग्रामीण उपस्थित नहीं होते, तो फिर कोरम की पूर्ति कैसे होती है?

मुख्य कार्यपालन अधिकारी नही उठाते फोन???

इस गंभीर विषय को लेकर कोटा विकासखंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी युवराज सिन्हा को कॉल किया गया। लेकिन हर बार की तरह उन्होंने कॉल का जवाब नही दिया। ग्राम आमागोहन में हुए सचिव द्वारा किए भ्रस्टाचार पर भी उनकी चुप्पी क़ई सवाल पैदा करते हैं।


ग्राम सभा लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई मानी जाती है, जहां गांव के विकास और संसाधनों से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में यदि ग्राम सभा केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह जाए तो इससे पारदर्शिता और जनभागीदारी दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं।

“मेरी पंचायत” पोर्टल पर भी उठे सवाल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के “मेरी पंचायत” पोर्टल में ग्राम सभा, विकास कार्यों और पंचायत गतिविधियों की फोटो एवं जानकारी नियमित रूप से अपलोड करने की व्यवस्था है। इन जानकारियों की समीक्षा विभागीय अधिकारियों द्वारा भी की जाती है, ताकि पंचायतों में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
लेकिन ग्राम पंचायत आमागोहन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में आयोजित कई ग्राम सभाओं की तस्वीरें पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं, विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति दर्शाने वाली तस्वीरें भी अपलोड नहीं की गई हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब शासन ने डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता के लिए पोर्टल की व्यवस्था की है, तो आमागोहन पंचायत में ग्राम सभाओं और विकास कार्यों का वास्तविक रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
यदि ग्राम सभा नियमित रूप से आयोजित हुई है और विकास कार्य नियमानुसार संचालित हुए हैं, तो उनकी तस्वीरें और जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध क्यों नहीं हैं? यह विषय प्रशासनिक जांच और सत्यापन की मांग करता है।



“विशेष ग्राम सभा पर सवाल: ग्रामीणों को सूचना नहीं, जनप्रतिनिधि अनजान, फिर कैसे पूरा हुआ कोरम?”

आजाद भारत न्यूज़

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