आजाद भारत न्यूज़-प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट-
कोटा/बिलासपुर। कोटा विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमागोहन में लंबे समय से डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी को लेकर ग्रामीणों द्वारा CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में डॉक्टर एवं स्टाफ नर्स की नियुक्ति की मांग की गई थी। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बिलासपुर शुभा गढ़ेवाल ने बताया कि फिलहाल चपोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों को आमागोहन में संलग्न किया गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि “जल्द ही DMF (जिला खनिज न्यास) फंड से डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसकी प्रक्रिया जारी है।”
इधर, क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। लगातार शिकायतों के बाद कई स्थानों पर जांच, नोटिस और छापेमार कार्रवाई की गई है।
खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. निखिलेश गुप्ता ने कहा कि “समझाइश और नोटिस देने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति फील्ड में अवैध रूप से चिकित्सा प्रैक्टिस करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था राहत देने वाली है, लेकिन आमागोहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर और स्टाफ नर्स की शीघ्र पदस्थापना आवश्यक है, ताकि क्षेत्र के लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।





आजाद भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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