कोटा जनपद में 16 पंचायतों से 48.45 लाख रुपये की वसूली का आदेश, SDM सीमा पात्रे की कार्रवाई से हलचल
आजाद भारत न्यूज़ | कोटा, बिलासपुर
धारा-92 के तहत वसूली प्रकरणों में नोटिस जारी, निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी
करगीरोड-कोटा। कोटा जनपद पंचायत क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े वसूली प्रकरणों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) सीमा पात्रे द्वारा प्रभार संभालने के बाद छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा-92 के तहत वसूली प्रकरणों में नोटिस जारी किए गए हैं। जारी जानकारी के अनुसार, विभिन्न ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायत कोटा से संबंधित प्रकरणों में कुल 48 लाख 45 हजार 455 रुपये की वसूली की राशि दर्ज है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित पंचायतों में हलचल की स्थिति है। जारी सूची में पूर्व सरपंचों, वर्तमान सरपंचों, सचिवों तथा जनपद पंचायत के एक अधिकारी का नाम शामिल बताया गया है। अब संबंधित लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी कर जवाब और बकाया राशि जमा करने की कार्रवाई की जा रही है।
16 वसूली प्रकरणों की सूची
प्रशासन द्वारा जारी सूची में दर्ज विवरण के अनुसार वसूली की राशि और संबंधित व्यक्तियों के नाम इस प्रकार हैं:
1. ग्राम पंचायत कुसमूली — ₹6,50,000
- सुकृता साहू, पूर्व सरपंच
- हरीश खाण्डेय, सचिव
2. ग्राम पंचायत आमागोहन — ₹5,97,500
- हेमसिंह कंवर, पूर्व सरपंच
- राजेश कुमार उइके, सचिव
3. ग्राम पंचायत पोंडी-सल्का — ₹33,600
- रामचंद्र मरावी, पूर्व सरपंच
- दुकालूराम अनंत, सचिव
4. ग्राम पंचायत शक्तिबहरा — ₹33,600
- विजय कोल, पूर्व सरपंच
- अकल सिंह, सचिव
5. ग्राम पंचायत कोन्चरा — ₹1,35,750
- संतोषी बाई, सरपंच
- संतोष गिरी गोस्वामी, सचिव
6. ग्राम पंचायत तेंदुभाटा — ₹1,35,750
- मीना बाई पैकरा, सरपंच
- सोहाग सिंह कंवर, सचिव
7. ग्राम पंचायत आमागोहन — ₹61,562
- शकुंतला कंवर, पूर्व सरपंच
8. जनपद पंचायत कोटा — ₹9,59,811
- रामकांत खरे, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक एवं करारोपण अधिकारी
9. ग्राम पंचायत केंदा — ₹1,35,750
- राहुल प्रताप सिंह, सरपंच
- सालिक राम निषाद, सचिव
10. ग्राम पंचायत सल्का — ₹1,35,750
- पूर्णिमा सिंह, सरपंच
- गेंदराम यादव, सचिव
11. ग्राम पंचायत रानीसागर — ₹33,600
- सुनीता गोंड, तत्कालीन सरपंच
- रंजीत महादेवा, सचिव
12. ग्राम पंचायत सिरसहा — ₹1,35,750
- धनुराम नवरंग, सरपंच
- लव कुमार जायसवाल, सचिव
13. ग्राम पंचायत दारसागर — ₹33,600
- नारायण सिंह सोनवानी, पूर्व सरपंच
- गेंदू खुसरो, सचिव
14. ग्राम पंचायत करगीकला — ₹1,35,750
- किरण करमाकर, सरपंच
- गंगासागर ध्रुव, सचिव
15. ग्राम पंचायत कलमीटार — ₹1,35,750
- प्रभुराम बिंझवार, सरपंच
- ओमप्रकाश कश्यप, सचिव
16. ग्राम पंचायत मटसगरा — ₹14,91,932
- संतराम रात्रे, पूर्व सरपंच
- कृष्ण कुमार बंसल, पूर्व रोजगार सहायक
मटसगरा पंचायत से संबंधित प्रकरण में सबसे अधिक राशि
जारी सूची में ग्राम पंचायत मटसगरा से संबंधित प्रकरण में 14 लाख 91 हजार 932 रुपये की राशि दर्ज है, जो सूची में उल्लिखित अलग-अलग प्रकरणों में सबसे अधिक है। इसके बाद जनपद पंचायत कोटा से संबंधित प्रकरण में 9 लाख 59 हजार 811 रुपये तथा ग्राम पंचायत कुसमूली में 6 लाख 50 हजार रुपये की राशि दर्ज की गई है।
ग्राम पंचायत आमागोहन से संबंधित दो अलग-अलग प्रविष्टियां भी सूची में शामिल हैं। इनमें एक प्रकरण में 5 लाख 97 हजार 500 रुपये और दूसरे में 61 हजार 562 रुपये की राशि दर्ज है।
नोटिस के बाद आगे क्या?
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत संबंधित लोगों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वसूली की जाएगी। दी गई जानकारी के मुताबिक, तय समय में राशि जमा नहीं करने पर कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि, प्रत्येक प्रकरण में वसूली की अंतिम स्थिति, संबंधित पक्षों का जवाब और आगे की कार्रवाई की जानकारी आधिकारिक आदेशों एवं विभागीय अभिलेखों से स्पष्ट होगी।
पंचायतों में जवाबदेही का सवाल
पंचायतों में सरकारी राशि के उपयोग, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव और विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन प्रकरणों में वसूली की प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाता है और कितनी राशि वास्तव में जमा हो पाती है।
महत्वपूर्ण: वसूली सूची में नाम दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता का अंतिम दोष सिद्ध होना नहीं है। संबंधित आदेशों, जांच निष्कर्षों और जवाब के आधार पर ही प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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राशि की विस्तृत जानकारी के लिए आप शासकीय आदेश देखें।

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