August 29, 2025

रायगढ़ में झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से युवक की मौत, आरोपी फरार, झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही शुन्य।

0
img_20250826_0828316004152939051067602.jpg

आजाद भारत न्यूज़ लाइव- रायगढ़

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद, आरोपी डॉक्टर क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

​जानकारी के अनुसार, यह घटना कोतरा रोड स्थित सोनिया नगर की है। सोनिया नगर का निवासी एक युवक अपने कंधे के दर्द का इलाज कराने के लिए वहाँ स्थित एक नेचरो क्लिनिक में गया था। क्लिनिक में कथित डॉक्टर साहू ने युवक को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन के बाद, युवक की हालत बिगड़ने लगी। उसकी बिगड़ती हालत देखकर, डॉक्टर ने उसे एक और इंजेक्शन दिया, जिसके तुरंत बाद ही युवक की मौत हो गई।

​युवक की मौत होते ही, आरोपी डॉक्टर साहू अपना क्लिनिक बंद कर मौके से फरार हो गया। मृतक के आक्रोशित परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर साहू के पास इलाज करने की कोई डिग्री या योग्यता नहीं है और उसकी लापरवाही के कारण ही उनके बेटे की जान गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी डॉक्टर की तलाश जारी है। इस घटना ने एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा चलाई जा रही अवैध क्लीनिकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य आदिवासी इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों का होना एक बड़ा खतरा है। ऐसी जानकारी  है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ गलत इलाज के कारण बच्चों की मौत हुई है। कुछ केस में कार्यवाही भी हुई है। लेकिन इसकी संख्या सिर्फ खानापूर्ति है।

​इस तरह के डॉक्टरों पर कार्रवाई न होने के पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं:

  • स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी: आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और योग्य डॉक्टरों की भारी कमी है। लोग मजबूरी में इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं, जो कम पैसों में और तुरंत इलाज का वादा करते हैं।
  • जागरूकता की कमी: ग्रामीण आबादी में अक्सर सही-गलत इलाज की जानकारी का अभाव होता है, जिससे वे आसानी से इन फर्जी डॉक्टरों के जाल में फंस जाते हैं।
  • शिकायत तंत्र की कमजोरी: कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही या भ्रष्टाचार के कारण इन डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।
  • राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव: कुछ मामलों में ये झोलाछाप डॉक्टर स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं, जिससे उन पर कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।

​स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। जनता को भी जागरूक करना जरूरी है कि वे केवल पंजीकृत और योग्य डॉक्टरों से ही इलाज करवाएं। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर प्रभावी कार्रवाई और सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed