वॉटर संस्था ने किया ग्राम विकास समितियों का सशक्तिकरण। पसान तहसील के 10 ग्रामों में प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न।

पसान। एच.डी.बी. वित्तपोषित निरांजली परियोजना के तहत वॉटर संस्था (वाटरशेड ऑर्गेनाइजेशन ट्रस्ट) ने पसान तहसील के 10 ग्रामों में ग्राम विकास समितियों (वी.डी.सी.) के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर समितियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना, जवाबदेही एवं पारदर्शिता को मजबूत करना तथा सामुदायिक नेतृत्व क्षमता को बढ़ाना था।

प्रशिक्षण के उद्देश्य
कार्यशाला में यह सुनिश्चित किया गया कि ग्राम विकास समिति के सदस्य परियोजना अंतर्गत चल रही गतिविधियों की बेहतर निगरानी और प्रबंधन कर सकें।
ग्राम विकास गतिविधियों में सामूहिक निर्णय लेने और जवाबदेही की भावना को बढ़ावा दिया गया।
समिति सदस्यों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की गहरी समझ दी गई, ताकि भूमि एवं जल संसाधन प्रबंधन, कृषि विकास और आजीविका संवर्धन जैसे कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण पहलू सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना रहा, जिससे विकास कार्यों का स्थायित्व और सभी वर्गों तक समान लाभ सुनिश्चित हो सके।

संवादात्मक और व्यावहारिक सत्र
दो दिवसीय कार्यशाला में परस्पर संवादात्मक सत्रों, समूह चर्चाओं और केस स्टडीज का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त किया बल्कि व्यावहारिक रूप से भी यह समझा कि ग्राम स्तर पर पारदर्शिता और जिम्मेदारी कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।
सदस्यों को अभिलेख संधारण, वित्तीय प्रबंधन और परियोजना की प्रगति की निगरानी हेतु नियमित समीक्षा बैठकों की अनिवार्यता पर भी प्रशिक्षित किया गया। इससे यह अपेक्षा की जा रही है कि भविष्य में ग्राम विकास समितियाँ अपने-अपने गाँवों में योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू कर पाएंगी।
संस्था की प्रतिबद्धता
वॉटर संस्था के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और उन्हें अपने विकास की यात्रा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। संस्था का मानना है कि जब ग्राम विकास समितियाँ सशक्त होंगी, तो गाँवों में संचालित भूमि एवं जल संरक्षण, कृषि सुधार और आजीविका के विविध कार्यक्रम स्थायी और सफल साबित होंगे।
प्रशिक्षण में उपस्थिति
प्रशिक्षण कार्यशाला में वॉटर संस्था से अंशुमन पंडा, अंशुल सिंह, राजशेखर गोरापट्टी, नवीन बनकर, देवेंद्र बैरागी, दीपक गोस्वामी सहित संस्था के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
यह दो दिवसीय प्रशिक्षण ग्राम विकास समितियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जिसने उन्हें न केवल परियोजना से जोड़ने का मार्ग दिखाया, बल्कि ग्राम स्तर पर स्वामित्व और नेतृत्व की भावना को भी मजबूत किया।
– आजाद भारत न्यूज़