बिलासपुर-खोंगसरा मार्ग पर बस में बाल श्रम का मामला, आयोग ने लिया संज्ञान – जल्द कार्रवाई के निर्देश
आजाद भारत न्यूज़- बिलासपुर (खोंगसरा)
जिले में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बिलासपुर से खोंगसरा के बीच संचालित एक बस में नाबालिग बच्चे से हेल्पर के रूप में खतरनाक परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है।
मामला रविराज बस सर्विस (बस क्रमांक CG10 BZ 0990) से जुड़ा है, जहां बच्चे को बस के ऊपर चढ़कर सामान उतारते हुए तथा कई बार चलती बस में चढ़ते-उतरते देखा गया है। यह स्थिति न केवल बाल श्रम कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चे की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन चुकी है।
वीडियो में खुलासा, कंडक्टर ने खुद मानी बात
प्राप्त वीडियो में बस के कंडक्टर द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि बच्चे को अपने साथ रखा गया है और उससे काम लिया जा रहा है। यह बयान इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।

बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान
इस मामले की शिकायत वर्णिका शर्मा (अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़) तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
जिला प्रशासन को भी दी गई जानकारी
मामले की जानकारी संजय अग्रवाल (जिला कलेक्टर, बिलासपुर) को भी तत्काल प्रभाव से दी गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
⚖️ कानूनी पहलू
विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला—
बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम का उल्लंघन है
किशोर न्याय अधिनियम के तहत भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
स्थानीय स्तर पर चिंता और आक्रोश
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई बार समझाने के बावजूद बस संचालकों द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जो प्रशासनिक लापरवाही को भी दर्शाता है।
बालश्रम लेना दंडनीय अपराध है। क्षेत्र में लगातार ऐसे संवेदनशील मामलों को सामजिक कार्यकर्ता उठा रहे हैं। जांच हो और तत्काल कार्यवाही हो। (राजू सिंह राजपूत- मंडल अध्यक्ष भाजपा)
मांग – सख्त कार्रवाई और बच्चे की सुरक्षा
इस पूरे मामले में प्रमुख मांगें हैं:
बस मालिक और संबंधित लोगों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई
नाबालिग बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लिया जाए
भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक के लिए सख्त निगरानी।
वीडियो – वीडियो बाल संरक्षण आयोग को प्रेषित है।
क्षेत्र में बढ़ते बाल श्रम के मामले चिंता का विषय
क्षेत्र में लगातार बाल श्रम के मामले सामने आ रहे हैं। कहीं बच्चों से किराना दुकानों में काम लिया जा रहा है, तो कहीं पान ठेलों पर। इसके अलावा कई स्थानों पर ट्रैक्टरों में बच्चों को रेत और ईंट भरते हुए भी देखा जा सकता है।
यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि जागरूकता की कमी, बच्चों की मजबूरी का फायदा उठाना और प्रशासन का आंख मूंद लेना इस समस्या को लगातार बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी रेत खनन में बाल श्रम को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन आज तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप यह भी हैं कि जांच के नाम पर लेबर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं, लेकिन मिलीभगत के चलते मामलों को दबा दिया जाता है, जिससे दोषियों के हौसले और बढ़ते हैं।
✍️ रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
प्रधान संपादक – आजाद भारत न्यूज़, बिलासपुर

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