बेलगहना में कॉलेज शुरू नहीं होने पर पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला का आंदोलन का ऐलान
21 मई को सुशासन शिविर के सामने ढोल-नगाड़ा बजाकर सरकार और अधिकारियों को जगाने की चेतावनी।
आजाद भारत न्यूज़ कोटा बिलासपुर(छत्तीसगढ़)
कोटा विधानसभा के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बेलगहना में महाविद्यालय शुरू नहीं होने को लेकर पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष मुख्यमंत्री के खोँगसरा आगमन के दौरान बेलगहना में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
संदीप शुक्ला ने कहा कि जब मुख्यमंत्री की घोषणा को ही अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो आम ग्रामीणों के आवेदन और मांगों का क्या महत्व रह जाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार को “कुंभकरणीय नींद” में बताया और कहा कि इस नींद से जगाने के लिए 21 मई को आयोजित जिला स्तरीय सुशासन शिविर के सामने ढोल, ताशा और नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। बेलगहना क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संदीप शुक्ला ने बताया कि इस प्रदर्शन में केवल महाविद्यालय की मांग ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की अन्य प्रमुख समस्याओं को भी उठाया जाएगा। इनमें लंबे समय से लंबित सहकारी बैंक शाखा खोलने की मांग, कोटा विधानसभा क्षेत्र की अरपा नदी में बड़ी मशीनों से हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर रोक, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मुद्दे तथा अतिवृष्टि प्रभावित किसानों के मुआवजे की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं।
उन्होंने क्षेत्र की जनता, छात्रों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में पहुंचकर सहयोग करें
![]()
