प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बिक रही सामग्री, नापतौल विभाग से शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार,वीडियो वायरल
खोंगसरा/कोटा (बिलासपुर)। कोटा विकासखंड के खोंगसरा (आमागोहन) क्षेत्र में प्रिंट रेट (MRP) से अधिक कीमत पर सामान बेचे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 78 रुपये प्रिंट रेट वाली सामग्री 85 रुपये में बेची जा रही है। इतना ही नहीं, खाद्य सामग्री, पान मसाला और अन्य उत्पादों पर भी निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत की गई है।
जानकारी के अनुसार, एक ग्राहक ने जब दुकानदार से 78 रुपये अंकित उत्पाद के बदले 85 रुपये लेने का कारण पूछा तो कथित तौर पर जवाब मिला, “जहां शिकायत करना है कर दो।” इस बातचीत का वीडियो भी स्थानीय लोगों के पास होने का दावा किया जा रहा है।
मामले की शिकायत विधिक माप विज्ञान (नापतौल) विभाग से की गई है, लेकिन शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अन्य दुकानदार भी इसी तरह मनमानी करने लगेंगे।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, नापतौल विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाकर प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों का आर्थिक शोषण रोका जा सके।
यदि शिकायत सही पाई जाती है तो प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है और संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश: पेट्रोल 160 रुपये प्रति लीटर तक बिकने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
खोंगसरा/कोटा (बिलासपुर)।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से कुछ स्थानों पर पेट्रोल 150 से 160 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय कार्रवाई के अभाव में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है और मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण इसी प्रकार जारी रहेगा।
(यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रशासन को दी गई शिकायतो और प्राप्त वीडियो पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
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