August 30, 2025

SIR विरोध में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, पुलिस ने हिरासत में लिया

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नई दिल्ली।आजाद भारत न्यूज़ लाइव- बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया और हालिया विधानसभा चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजनीति का माहौल गरमा दिया। राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संसद भवन से लेकर निर्वाचन आयोग कार्यालय तक पैदल मार्च का नेतृत्व खुद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किया, जिसमें इंडिया गठबंधन के लगभग सभी बड़े नेता शामिल थे।

विपक्ष की एकजुटता की अहम तस्वीर

इस विरोध मार्च में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद, डीएमके, आरजेडी, जेएमएम, और कई अन्य सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता भी कंधे से कंधा मिलाकर चले। यह प्रदर्शन न सिर्फ ‘वोट चोरी’ के खिलाफ था बल्कि इसने विपक्ष की एकजुटता का भी स्पष्ट संदेश दिया।

पुलिस ने रोका, नेताओं को हिरासत में लिया

जैसे ही यह जुलूस निर्वाचन आयोग के दफ्तर के करीब पहुंचा, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर अस्थायी रूप से पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

राहुल गांधी का सीधा हमला

राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग को सीधे निशाने पर ले रहे हैं। उनका आरोप है कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और हालिया चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा की एक सीट का हवाला देकर ‘वोट चोरी’ के कई उदाहरण पेश किए। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।

जनता से सीधा संवाद

राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर आम लोगों को जोड़ने के लिए डिजिटल अभियान भी शुरू किया है। पार्टी ने “वोट चोरी रोको” नाम से एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें नागरिकों से अपने अनुभव और सबूत साझा करने की अपील की गई है। इसके अलावा एक मिस्ड कॉल नंबर भी जारी किया गया है, जिसके जरिए लोग इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं।

SIR प्रक्रिया पर सवाल

बिहार में लागू SIR प्रक्रिया को लेकर भी विपक्ष ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाताओं की पहचान और पंजीकरण को प्रभावित कर रही है, जिससे बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां हो रही हैं।

राजनीतिक मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विरोध मार्च का नेतृत्व राहुल गांधी द्वारा किया जाना उनके विपक्ष के ‘सर्वमान्य नेता’ बनने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने एक ही मंच पर लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दलों को इकट्ठा कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि आने वाले चुनावों में विपक्ष पूरी ताकत से मैदान में रहेगा।

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