शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहली समीक्षा बैठक, जानिए क्या क्या निर्णय लिए गए-

आजाद भारत न्यूज़ लाइव छत्तीसगढ़ विशेष रिपोर्ट-
छत्तीसगढ़ के नव-नियुक्त शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही शिक्षा विभाग की पहली समीक्षा बैठक आयोजित की। रायपुर स्थित महानदी भवन में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री यादव ने विभागीय अधिकारियों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में ठोस बदलाव लाना ही उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।

CAC को अध्यापन कार्य का सख्त निर्देश
बैठक में मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि क्लस्टर अकादमिक कोऑर्डिनेटर (CAC) केवल प्रशासनिक भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें नियमित रूप से अध्यापन कार्य भी करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पहले भी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अमल नहीं हो पाया। उन्होंने अधिकारियों को इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि जमीनी स्तर पर सकारात्मक सुधार दिखाई दे।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर
मंत्री यादव ने बैठक में कहा कि रेड क्रॉस, स्काउट-गाइड और एनसीसी जैसी गतिविधियों को प्रदेश के सभी स्कूलों में नियमित रूप से संचालित किया जाए। उनका मानना है कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य हैं और इन्हें शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा संस्थाओं की संख्या बढ़ाने पहल
बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाने की दिशा में पहल की जाए। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और प्रदेश का शैक्षणिक परिदृश्य और मजबूत होगा।
ईमानदारी और दबाव रहित काम करने का आह्वान
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी दबाव में आए बिना ईमानदारी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार तभी संभव होगा जब अधिकारी और कर्मचारी पारदर्शिता और निष्पक्षता से अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश
मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप ढाला जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्राप्त कर प्रदेश में शिक्षा सुधार को गति दी जाए।
बैठक में समग्र शिक्षा अभियान की परियोजनाओं, माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा सुधार प्रक्रिया और SCERT द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
पूजा-अर्चना के साथ ग्रहण किया कार्यभार
बैठक से पूर्व मंत्री गजेन्द्र यादव रायपुर स्थित दूधाधारी मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने भगवान की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर के महंत राम सुंदर दास से भी आशीर्वाद प्राप्त किया।
पदभार संभालने के बाद मंत्री यादव ने कहा—
“मेरा लक्ष्य छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाना है। अधिकारी और कर्मचारी मिलकर विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”

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