November 30, 2025
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Kota, Bilaspur | 16 Nov 2025,Azad Bharat News

कोटा विकासखंड के ग्राम केंदा में प्रस्तावित शासकीय शराब भट्टी को लेकर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। रविवार को बड़ी संख्या में महिलाएँ, ग्रामीण युवक और स्थानीय जनप्रतिनिधि शराब दुकान के प्रस्तावित स्थल पर एकत्र हुए और इसका जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

इस विरोध में पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला भी महिलाओं के साथ शामिल हुए और दुकान खोले जाने के प्रयास पर कड़ा आक्रोश जताया।

पहले भी दिया गया था कलेक्टर को ज्ञापन, फिर भी जारी प्रक्रिया

ग्रामीणों को कुछ दिनों पहले ही शराब दुकान खोले जाने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद जनपद सदस्य जमुना बाई तथा महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा दुकान खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया।

ग्रामीणों ने शराब खाली होने से रोका, पुलिस ने दी समझाइश

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने शराब दुकान में लाई जा रही शराब को रोकने का प्रयास किया। इस पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और समझाइश देकर भीड़ को शांत करने का प्रयास किया।

“स्कूल बंद, दारू दुकान खुल—यह कैसा सुशासन?”: संदीप शुक्ला

विरोध स्थल पर तीखे स्वर में संदीप शुक्ला ने कहा—
“सुशासन की निर्लज्ज सरकार एक तरफ स्कूल बंद कर रही है और दूसरी तरफ शराब दुकानें खोल रही है। यह सर्वथा अनुचित है। मुख्यमंत्री साय मोदी की गारंटी पूरी करने की बात करते हैं—क्या शराब दुकान खोलना ही गारंटी है? ऐसी गारंटी छत्तीसगढ़वासियों को नहीं चाहिए।”

जनपद सदस्य जमुना टेकाम ने जताई सुरक्षा की चिंता

जनपद सदस्य जमुना टेकाम ने बताया कि जिस स्थान पर दुकान खोली जा रही है, वह मानिकपुर, चुरेली, कारीमाटी और बाहरीझिरिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है।
“इस रास्ते से स्कूल जाने वाले बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर सीधा खतरा बढ़ जाएगा,” उन्होंने कहा।

स्थानीय कार्यकर्ताओं का समर्थन

कांग्रेस कार्यकर्ता ईश्वर तंवर ने कहा कि केंदा में शराब दुकान खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है।
“शराब दुकान से बच्चों और युवाओं पर इसका गलत असर पड़ेगा और गांव का माहौल खराब होगा,” उन्होंने कहा।

महिलाओं का स्पष्ट संदेश—“डरकर घर नहीं बैठेंगे”

उपस्थित महिलाओं ने चेतावनी दी कि वे केंदा में शराब दुकान बंद कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार हैं।
“हम पुलिस या प्रशासन से डरकर घर बैठने वाली नहीं,” उन्होंने कहा।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि शराब दुकान की अनुमति वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब भट्टी खुलने से सामाजिक वातावरण बिगड़ेगा और महिलाओं, युवाओं तथा बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए शराब भट्टी की अनुमति को तत्काल रद्द करने की मांग की।

विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंडी अध्यक्ष संदीप शुक्ला का भी पूरा समर्थन मिला। शुक्ला ने तेज स्वर में कहा—
“भाजपा सरकार में स्कूल बंद हो रहे हैं और शराब दुकानें खुल रही हैं… यह कैसा सुशासन है?”

उन्होंने आगे ग्रामीणों के साथ मिलकर ‘हल्ला बोल’ करते हुए सरकार से निर्णय वापस लेने की जोरदार मांग उठाई।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने प्रस्तावित शराब भट्टी को निरस्त नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।

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